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एक उम्र, अनेक दिशाएँ : किशोरियों की पहचान, सपने और आत्मसम्मान One Age, Many Directions: Adolescent Girls, Identity, Dreams & Self-Worth

किशोरावस्था.. एक  उम्र, अनेक दिशाएँ लड़कियों की किशोरावस्था, जीवन का वह दौर है जहाँ उम्र तो कुछ सालों में बदल जाती है, लेकिन भीतर चलने वाला परिवर्तन कई वर्षों तक असर छोड़ता है। यह वह समय है जब एक लड़की बचपन की सरलता से निकलकर धीरे-धीरे वयस्क दुनिया की जटिलताओं की ओर बढ़ती है। इस सफर में उसके साथ होते हैं, अनगिनत सवाल, अनकहे डर, छोटे-छोटे सपने और बड़ी-बड़ी उम्मीदें।   अक्सर समाज इस उम्र को “समस्या की उम्र” कहकर देखता है, जबकि सच यह है कि यह संभावनाओं की उम्र है । अगर इस समय सही समझ, सहारा और विश्वास मिले, तो यही किशोरियाँ कल एक संवेदनशील, आत्मनिर्भर और जागरूक समाज की नींव बनती हैं।   यह लेख उन सभी किशोरियों के लिए है जो कभी आईने में खुद से पूछती हैं.. मैं कौन हूँ ?   मेरी जगह कहाँ है ?   क्या मैं जैसी हूँ, वैसी ठीक हूँ ?   और उन अभिभावकों व शिक्षकों के लिए भी, जो इन सवालों को समझना चाहते हैं।   1. किशोरावस्था क्या सच में कठिन होती है ? किशोरावस्था को अक्सर विद्रोह, ज़िद और अस्थिरता से जोड़ दिया जाता है। लेकिन सच्चाई यह है क...

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