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"आसमानी मोहब्बत ..." एक भावनात्मक नज़्म Celestial Love...A Poetic Reflection from the Hills

A breathtaking view of lush green hills and majestic mountains under a dramatic cloudscape — मनमोहक हरियाली और पर्वतों का दृश्य, बादलों की छांव में

        मेरे द्वारा ली गई तस्वीर तीन वर्ष पूर्व की है ।
यह तस्वीर देखकर आज मेरे मन में कुछ जज्बात आए, जिन्हें मै अपनी लेखनी के माध्यम से,शब्दों के ताने बाने में पिरो कर आपके सामने रख रहा हूं... ❤️

          "आसमानी मोहब्बत" (एक नज़्म )
आसमानी मोहब्बत थी,  
नीले साए में लिपटी हुई,  
सितारों की तरह चमकती,  
पर ज़मीन से कुछ कहती नहीं।

वो झुकी थी नीचे,  
जैसे कोई दुआ उतर रही हो,  
लेकिन जिसको छूना चाहा,  
वो ज़मीन अपनी खो बैठी।

मोहब्बत के नाम पर चले थे,  
हवा में उड़ते ख्वाबों के साथ,  
पर हर कदम पर दूरी बढ़ती गई,  
और दिल की मिट्टी सूखती गई।

वो जो आसमान से आई थी,  
शायद ज़मीन की सच्चाई नहीं जानती,  
यहां मोहब्बत सिर्फ़ जज़्बा नहीं,  
एक जंग है, एक पहचान भी।

अब वो मोहब्बत बहुत दूर है,  
एक तारा बनकर टिमटिमा रही है,  
ज़मीन पर है " राज " छुपे हुए,
उसकी रौशनी में,
बेबस,खुद को ढूंढते हुए।

मनोज भट्ट कानपुर 26 अक्टूबर 2025
यह नज़्म “सामाजिक ताना-बाना” ब्लॉग पर प्रकाशित हुआ है। परिवार, समाज और मन के रिश्तों की बातों के लिए पढ़ते रहें:
https://manojbhatt63.blogspot.com 
पढ़ने के लिए धन्यवाद...🙏

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